केंद्रीय विद्यालय संगठन के कर्मठ कर्मी, सम्मानित शिक्षकवृंद और देश के भविष्य प्यारे विद्यार्थियों,
आप सभी को देश ही नहीं, दुनिया के सबसे बड़े स्कूल ऑर्गेनाइजेशन, केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के 63वें स्थापना दिवस (15 दिसंबर 1963) की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ!
15 दिसंबर का दिन सभी केवियंस के लिए गौरव, आत्ममंथन और संकल्प का दिन है। वर्ष 1963 में स्थापित केवीएस ने पिछले छह दशकों से अधिक समय में राष्ट्र-निर्माण की नींव को सशक्त करते हुए गुणवत्ता, समानता और समावेशन के साथ भारतीय शिक्षा की विरासत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
केंद्रीय विद्यालय केवल शैक्षणिक संस्थान नहीं हैं—ये भारत की आत्मा, उसकी विविधता में एकता के जीवंत केंद्र हैं। देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों से लेकर महानगरों तक, केवीएस ने अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टि, संवैधानिक मूल्य और राष्ट्रीय चेतना को विद्यार्थियों के जीवन में गहराई से रोपा है। यह उपलब्धि सभी—कर्मियों की निष्ठा, शिक्षकों के समर्पण, विद्यार्थियों की जिज्ञासा व परिश्रम और अभिभावकों के अमूल्य सहयोग—का प्रतिफल है।
शिक्षकों से मेरा विशेष आह्वान - आप ज्ञान के संवाहक ही नहीं, भविष्य के शिल्पकार, राष्ट्र-निर्माता हैं। बदलते समय में 21वीं सदी के कौशल, नवाचार, डिजिटल दक्षता और मानवीय संवेदनाओं का संतुलन बनाए रखते हुए विद्यार्थियों को सोचने, प्रश्न करने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें। मूल्य-आधारित शिक्षा, करुणा और राष्ट्रप्रेम—यही आपकी सबसे बड़ी शिक्षाएँ हैं।
कर्मियों से अपेक्षा - आप संगठन की रीढ़ हैं। परिश्रम, पारदर्शिता, सेवा-भाव और दक्षता के साथ कार्य करते हुए संगठन को और अधिक सुचारु, सुरक्षित और सशक्त बनाइए। आपका बहुमूल्य योगदान केवीएस शिक्षा-परिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता और गति का आधार है।
प्रिय विद्यार्थियों!आप भारत का उज्ज्वल भविष्य हैं। ज्ञान के साथ चरित्र, आत्मविश्वास के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाइए। विज्ञान, खेल, कला और सेवा—हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का लक्ष्य रखें और “सबका साथ, सबका विकास” के भाव को अपने जीवन में उतारें।
आशा ही नहीं, मुझे विश्वास है कि केवीएस कर्मी, शिक्षक एवं विद्यार्थी समन्वित रूप से समावेशी शिक्षा के माध्यम से समावेशी संस्कृति एवं 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति में महति भूमिका अदा करेंगे।
आज, केवीएस स्थापना दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर, मैं आप सभी से एक सामूहिक संकल्प लेने का शिक्षा को नवाचार और समावेशन के साथ आगे बढ़ाने का, हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने का और भारत को ज्ञान-आधारित, आत्मनिर्भर एवं करुणामय राष्ट्र बनाने का आह्वान करता हूँ।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेते हुए भविष्य में भी राष्ट्र को नेतृत्व, नवाचार और मानवीय मूल्यों से समृद्ध करता रहेगा।
स्थापना दिवस की पुन: हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय हिंद! जय केवीएस!